Dedicated freight corridor: मंगलवार को तिलपता और मकौड़ा गांव के बीच बने रेलवे ओवरब्रिज को लोगों के लिए खोल दिया गया। सुबह से ही इस रास्ते पर वाहन गुजरने लगे। लंबे समय से इसके शुरू होने का इंतजार किया जा रहा था। आने-जाने वालों को फायदा इस पुल के चालू होने से ग्रेटर नोएडा ईस्ट और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के बीच सफर करने वाले लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। दोनों इलाकों को जोड़ने वाले इस मार्ग पर अब आवाजाही पहले से आसान हो गई है। इलेक्ट्रिक बसों का संचालन भी शुरू हो चुका है। अंडरपास की परेशानी बनी वजह जहां अब ओवरब्रिज बना है, वहां पहले अंडरपास के सहारे आवाजाही होती थी। बारिश के समय अंडरपास में पानी भर जाता था। ऐसे में लोगों को रास्ता बदलना पड़ता था या फिर जाम में फंसना पड़ता था। इसी समस्या को देखते हुए यहां आरओबी बनाया गया। जांच के बाद खोला गया पुल 9 जून को अधिकारियों ने पुल का परीक्षण किया था। उस दौरान सामने आई कमियों को बाद में ठीक कराया गया। सभी जरूरी काम पूरे होने के बाद इसे वाहनों के लिए खोलने का फैसला लिया गया। छह लेन का है ओवरब्रिज करीब 1600 मीटर लंबा यह रेलवे ओवरब्रिज छह लेन का है। इसे इस तरह तैयार किया गया है कि भारी वाहन और इलेक्ट्रिक बसें भी आसानी से गुजर सकें। अधिकारियों का कहना है कि इससे क्षेत्र की कनेक्टिविटी और बेहतर होगी। तिलपता गोलचक्कर पर भी होगी नई व्यवस्था 130 मीटर रोड पर ट्रैफिक को सुचारु बनाने के लिए तिलपता गोलचक्कर के दोनों ओर यू-टर्न बनाने की तैयारी चल रही है। इसके लिए टेंडर जारी किया जा चुका है। निर्माण कार्य शुरू होने के बाद यहां यातायात का दबाव कम करने में मदद मिलेगी। सड़क चौड़ी करने पर भी जोर सिर्फ यू-टर्न ही नहीं, 130 मीटर रोड के चौड़ीकरण का काम भी जारी है। अधिकारियों का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद इस पूरे मार्ग पर जाम की समस्या कम होगी और लोगों का सफर अधिक सुविधाजनक बनेगा। ये भी पढ़े : जमीन के बदले करोड़ों का मुआवजा! नोएडा एयरपोर्ट ने बदली किसानों की जिंदगी